रायसेन18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

क्वॉरेंटाइन सेंटर में संदिग्ध मरीज सफाई वऔर खराब भोजन की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी से की।

  • भोजन की क्वालिटी भी नहीं है ठीक, इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने दिए व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश
  • जिले भर में मिल चुके कोरोना के 340 मरीज

जब से हम लोग यहां पर आए हैं, तब से न तो सफाई हो रही है और न ही उन्हें अच्छा भोजन और नाश्ता नसीब हो रहा है। यदि हम इस वातावरण में रहेंगे तो हमें कोरोना नहीं भी होगा तो वह हो जाएगा। हमें अपने कैमरे की सफाई स्वयं करना पड़ रही है। यह बात पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर पर कोविड के संदिग्ध मरीजों ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी से कही। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी यहां पर निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। क्वारेंंटाइन सेंटर की अव्यवस्थाओं से जब संदिग्ध मरीजों ने यह शिकायत दर्ज कराई तो स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रावास प्रभारी को बुलाकर सफाई नहीं होने की जानकारी ली।

छात्रावास की महिला अधीक्षक ने बताया कि यहां पर सफाई के लिए कोई परमानेंट कर्मचारी पदस्थ नहीं है, नगर पालिका से एक कर्मचारी कभी कभार आता है। इस कारण नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। इस अव्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताते हुए क्वारेंटाइन सेंटर पर नियमित साफ सफाई करवाने और भोजन व नाश्ता की क्वालिटी सुधारने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों की देखरेख में किसी भी प्रकार लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने चिकित्सकों को कोविड केयर सेंटर व क्वारेंटाईन सेंटर्स में लोगों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए कहा है।

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने क्वारेंटाइन सेंटर की नियमित सफाई के लिए सफाई कर्मी की स्थायी ड्यूटी लगाने और क्वारेंटाइन सेंटर में जिला अस्पताल की किचिन से ही यहां पर भोजन भेजने के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मोनिका शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. बीबी गुप्ता, एसडीएम एलके खरे, तहसीलदार अजय पटेल, आरएमओ डॉ. विनोद परमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।

कोविड के मरीजों के लिए पर्याप्त है बेड, 136 पलंग अभी खाली : रायसेन जिले में कोविड के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध है। जिला अस्पताल के डेडिकेडेट्स कोरोना केयर सेंटर में 68 बेड है, जबकि इंडियन चौरोना स्थित कोरोना केयर सेंटर में 115 मरीजों को भर्ती रखने की सुविधा है। इसके अलावा जिला अस्पताल में कोविड मरीजों के लिज 20 बेड का आईसीयू भी तैयार हो रहा है।

वर्तमान में यहां पर 47 मरीज ही भर्ती है। जबकि 136 बेड अभी खाली पड़े है। इसके अलावा प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर भी आक्सीजन यूनिट के साथ सर्व सुविधायुक्त 10-10 बेड के कोविड केयर सेंटर बनाए गए है। जिस तेजी से वर्तमान में मरीज बड़ रहे है, इस लिहाज से यह व्यवस्थाएं आने वाले समय में कम पड़ सकती है। जिले में अब तक 340 कोरोना के मरीज मिल चुके हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने जिला अस्पताल के डेडिकेडटस कोविड सेंटर, कोविड केंद्र और क्वारेंटाइन सेंटर छात्रावास का किया निरीक्षण

पीपीई किट उतारी तो पसीने से तरबतर नजर आए स्वास्थ्य मंत्री

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी सबसे पहले इंडियन चौराहा स्थित कोविड केंद्र और जिला अस्पताल के कोरोना केयर सेटर पहुंचे। यहां पर उन्होंने पीपीई किट पहन कर कोविड के मरीजों से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने कोविड के संदिग्ध लोगों और कोरोना के मरीजों से रुबरु मिलकर उनका हाल चाल जाना। वे लोग कोरोना के चपेट में कैसे आए, इस बारे में भी उनसे जानकारी ली । भोजन और इलाज को लेकर भी उनसे सवाल किए । इन दोनों सेंटर पर भर्ती लोगों ने कोई परेशानी नहीं होने की बात कही। निरीक्षण के आधे घंटे बाद जब स्वास्थ्य मंत्री ने पीपीई किट उतारी तो वे पसीने से तरबतर नजर आए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- कोरोना को हराना है, इसलिए सतर्कता बरतें लोग

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने की दिशा में हर संभव आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके द्वारा प्रदेश में कोरोना की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। कोरोना का संक्रमण को रोकना है तो लोगों को स्वयं सर्तकता बरतना होगी । लोगों को कोरोना से बचना है तो अनिवार्य रूप से मास्क लगाने के साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिंग एक-दूसरे से बना कर रखना होगी। उन्होंने विदिशा विधायक द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया ।

पॉजिटिव आने पर स्वयं भर्ती होने पहुंचा मरीज

शहर में एक युवक की रिपोर्ट भोपाल में पॉजिटिव आई है । उसे यह जानकारी मिलने पर वह स्वयं भर्ती होने के लिए जिला अस्पताल पहुंच गया । सैंपल देने के बाद वह घर पर क्वारेंटाइन के रुप में रह रहा था ।

अगस्त और सितंबर में बढ़ने की है संभावना

सीएमएचओ डॉ. शशि ठाकुर ने बताया कि अगस्त और सितंबर माह में कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज मिलने की संभावना जताई जा रही है । हालांकि जुलाई माह से मरीज बढ़ने की शुरुआत हो भी चुकी है । जुलाई माह में अब तक सबसे ज्यादा 228 मरीज मिले है । ऐसी ही स्थिति अगस्त- सितंबर में बनी तो लोगों को भर्ती करने के लिए बैडों की संख्या में भी कम पड़ जाएगी ।

0

amazon ke sabse best product

Leave comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *.